Friday, 12 May 2017

Soorah ghasia 88

मेरी तहरीर में - - -
क़ुरआन का अरबी से उर्दू तर्जुमा (ख़ालिस) मुसम्मी
''हकीमुल उम्मत हज़रत मौलाना अशरफ़ अली साहब थानवी''का है,
हदीसें सिर्फ ''बुख़ारी'' और ''मुस्लिम'' की नक्ल हैं,
और तबसरा ---- जीम. ''मोमिन'' का है।
नोट: क़ुरआन में (ब्रेकेट) में बयान किए गए अलफ़ाज़ बेईमान आलिमों के होते हैं,जो मफ़रूज़ा अल्लाह के उस्ताद और मददगार होते हैं और तफ़सीरें उनकी तिकड़म हैं और चूलें हैं.
**********

सूरह ग़ाशियह -८८ - पारा ३० 
(हल अताका हदीसुल ग़ासिया)     

ऊपर उन (७८ -११४) सूरतों के नाम उनके शुरूआती अल्फाज़ के साथ दिया जा रहा हैं जिन्हें नमाज़ों में सूरह फातेहा या अल्हम्द - - के साथ जोड़ कर तुम पढ़ते हो.. ये छोटी छोटी सूरह तीसवें पारे की हैं. देखो   और समझो कि इनमें झूट, मकर, सियासत, नफरत, जेहालत, कुदूरत, गलाज़त यहाँ तक कि मुग़ललज़ात भी तुम्हारी इबादत में शामिल हो जाती हैं. तुम अपनी ज़बान में इनको पढने का तसव्वुर भी  नहीं कर सकते. ये ज़बान ए गैर में है, वह भी अरबी में, जिसको तुम मुक़द्दस समझते हो, चाहे उसमे फह्हाशी ही क्यूँ न हो..
इबादत के लिए रुक़ूअ या सुजूद, अल्फाज़, तौर तरीके और तरकीब की कोई जगह नहीं होती, गर्क ए कायनात होकर कर उट्ठो तो देखो तुम्हारा अल्लाह तुम्हारे सामने सदाक़त बन कर खड़ा होगा. तुमको इशारा करेगा कि तुमको इस धरती पर इस लिए भेजा है कि तुम इसे सजाओ और सँवारो, आने वाले बन्दों के लिए, यहाँ तक कि धरती के हर बाशिदों के लिए. इनसे नफरत करना गुनाह है, इन बन्दों और बाशिदों की खैर ही तुम्हारी इबादत होगी. इनकी बक़ा ही तुम्हारी नस्लों के हक में होगा.
कुरआन कहता है - - -

"आपको उस मुहीते-आम वाकिए की कुछ खबर पहुँची है?
बहुत से चेहरे उस रोज़ ज़लील मुसीबत झेलते हुए,
ख़स्ता होंगे.
आतिशे-सोज़ाँ में दाखिल होंगे,
खौलते हुए चश्मे से पानी पिलाए जाएँगे,
इनको बजुज़ एक खारदार झाड़ के और कोई खाना नसीब न होगा.
जो न फ़रबा करेगा न भूक मिटेगा.
सूरह ग़ाशियह -८८ - पारा ३० आयत (१-७)

"बहुत से चेहरे उस रोज़ बा रौनक होंगे,
अपने कामों के बदौलत खुश होंगे.
बेहिश्ते-बरीं में होंगे,
जिसमें कोई लग्व बात न सुनेंगे.
इसमें बहते हुए चश्में होंगे.
इसमें ऊंचे ऊंचे तख़्त हैं,
और रखे हुए आब खोरे हैं,
और बराबर बराबर लगे हुए गद्दे हैं,
और सब तरफ कालीन फैले पड़े हैं"
सूरह ग़ाशियह -८८ - पारा ३० आयत (८-१६)

तो क्या वह लोग ऊँट को नहीं देखते कि किस तरह पैदा किया गया है?
और आसमान को कि किस क़दर बुलंद है?
और पहाड़ों को कि किस तरह खड़े किए गए हैं?
और ज़मीन को कि किस क़दर बिछाई गई है? तो आप नसीहत कर दिया कीजिए.
आप तो सिर्फ़ नसीहत करने वाले हैं और आप उन पर मुसल्लत नहीं हैं.
हाँ मगर जो रू गरदानी करेगा और कुफ्र करेगा ,
तो उसको बड़ी सज़ा है.
क्यूंकि हमारे पास ही उनको आना होगा,
फिर हमारा ही काम इनसे हिसाब लेना है.
सूरह ग़ाशियह -८८ - पारा ३० आयत (१७-६२)

नमाजियों!
गौर करो कि जिस अल्लाह की तुम बंदगी करते हो वह किस क़दर आतिशी है?
कितना ज़बरदस्ती करने वाला?
कैसा ज़ालिम तबा?
इससे पल झपकते ही छुटकारा पा सकते हो.
बस मुहम्मद से नजात पा जाओ. मुहम्मद जो सियासत दान है, कीना परवर है, इक्तेदार का भूका है, शर्री और बोग्ज़ी है. इसकी बड़ी बुराई और जुम्र्म ये है कि ये मुजस्सम झूठा शैतान है.
मुहम्मदी अल्लाह उसी की पैदा की हुई नाजायज़ औलाद है.

अगर मैं आज अल्लाह का रसूल बन जाऊँ तो मेरी दुआ कुछ इस तरह होगी - - -
"ऐ रसूल !तू मेरे बन्दों को आगाह कर कि ये दुनयावी ज़िन्दगी आरज़ी है और आख़िरी भी. इस लिए इसको कामयाबी के साथ जीने का सलीक़ा अख्तियार कर.
"ऐ बन्दे! तू सेहत मंद बन और अपनी नस्लों को सेहत मंद बना, उसके बाद तू कमज़ोरों का सहारा बन.
"ऐ बन्दे!हमने अगर तुझे दौलत दी है तो तू मेरे बन्दों के लिए रोज़ी के ज़राए पैदा कर.
"ऐ बन्दे!  हमने तुझे अगर ज़ेहन दिया है तो तू लोगों को इल्म बाँट,
"ऐ बन्दे! तू मेरी मख्लूक़ को जिस्मानी, ज़ेहनी और माली नुसान मत पहुँचा, ये अमल तुझे और तेरी नस्लों को पामाल करेगा.
"ऐ बन्दे! बन्दों के दुःख दर्द को समझ, यही तेरी ज़िंदगी की अस्ल ख़ुशी है.
"ऐ बन्दे! तू मेरे बन्दों का ही नहीं तमाम मख्लूक़ का ख़याल रख क्यूंकि मैंने तुझे अशरफुल मख्लूकात बनाया है.
"ऐ बन्दे! मखलूक का ही नहीं बल्कि तमाम पेड़ पौदों का भी ख़याल रख क्यूंकि ये सब तेरे फ़ायदे के लिए हैं.
"ऐ बन्दे! साथ साथ इस धरती का भी ख़याल रख क्यूंकि यही सब जीव जंतु औए पेड़ पौदों की माँ है.
"ऐ बन्दे! तू कायनात का ही एक जुज़्व है, इसके सिवा कुछ भी नहीं.
"ऐ बन्दे! तू अपनी ज़िन्दगी को भरपूर खुशियों से भर ले मगर किसी को ज़रर पहुँचाए बगैर.



'

जीम 'मोमिन' निसारुल-ईमान

1 comment:

  1. Teri ky haisiyat ke tu rasul bane


    tu to Muslim name ke aad yek kafir hai

    tuzse bada lanati or kon hoga

    tuto gatar ke kidose jyda gaya guzara hai


    ReplyDelete